JK
ऑडियो व्याख्यान
अंत समय अध्ययन (2)
आवाज़
अंत समय अध्ययन (2)
अंत समय अध्ययन (2)
प्रकाशितवाक्य: बाज़ार और सरकार की विफलता
प्रकाशितवाक्य 17-18 में पशु और बाबेल के द्वारा केंद्रीकृत शक्ति और अनियंत्रित बाज़ार की भ्रष्टता को समझाने वाली शिक्षा।
- पशु और वेश्या
- सरकार और बाज़ार की सीमा
- संसार में नमक बनकर प्रार्थना
दूसरा अध्ययन प्रकाशितवाक्य 17-18 के द्वारा पशु और बाबेल को राजनीतिक शक्ति की केंद्रीकरण और बाज़ार की लालसा के प्रतीक के रूप में देखता है।
एक ओर तानाशाही और पूर्ण शक्ति की विफलता दिखती है, दूसरी ओर ऐसा बाज़ार दिखता है जो सब कुछ वस्तु बना देता है।
कलीसिया संसार में नमक बनकर प्रार्थना करने के लिए बुलायी गई है, ताकि सड़न रुके और सरकार व बाज़ार दोनों अधिक स्वस्थ बने रहें।