JK
ऑडियो व्याख्यान
आत्मिक संतुलन का षट्कोण
आवाज़
षट्कोण
आत्मिक संतुलन का षट्कोण
संतुलित और भरोसेमंद अगुवा के रूप में बढ़ना
वचन, वरदान, चरित्र, अनुभव, स्थिरता और सही दुःख व अनावश्यक परेशानी की पहचान में संतुलित वृद्धि पर शिक्षा।
- संतुलन शक्तिशाली है
- आत्मिक वृद्धि के कई पहलू हैं
- सबसे कमजोर क्षेत्र को पहले देखना
यह शिक्षा षट्कोण की तस्वीर से संतुलित वृद्धि को समझाती है। अगुवा केवल दिखाई देने वाली ताकत को बढ़ाकर परिपक्व नहीं होता।
जैसे खिलाड़ी का पूरा शरीर साथ बढ़ना चाहिए, वैसे ही मसीही अगुवा में वचन, वरदान, चरित्र, बुद्धि, अनुभव और स्थिरता साथ बढ़नी चाहिए।
यह शिक्षा व्यापक अनुभव और स्थिर विश्वासयोग्यता दोनों को देखती है। परमेश्वर कभी चलने से, कभी टिके रहने से सेवक को बनाते हैं।